19 JUN 2026
बिहार के प्रौद्योगिकी और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) ने शुक्रवार को STPI पटना में स्टार्टअप्स, IT/ITeS कंपनियों, MSMEs, उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ एक संवाद एवं चर्चा सत्र आयोजित किया।
यह कार्यक्रम हितधारकों के लिए एक ऐसा मंच रहा, जहाँ उन्होंने बिहार के स्टार्टअप, नवाचार और प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र की वृद्धि को गति देने के लिए आवश्यक अवसरों, चुनौतियों और नीतिगत हस्तक्षेपों पर विचार-विमर्श किया। उद्योग और स्टार्टअप्स के साथ इस संवाद को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT, रेल तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने संबोधित किया। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी तथा बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री नितिश मिश्रा भी उपस्थित रहे।
https://x.com/AshwiniVaishnaw/status/2067907588982022349?t=8eNaUvvRCnUMd8ZeEs9i5w&s=19
स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन और भारत की विकास यात्रा पर प्रकाश
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT, रेल तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज STPI पटना में उद्यमियों और स्टार्टअप संस्थापकों के साथ एक सार्थक एवं संवादात्मक सत्र में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण सुझाव और समाधान साझा किए तथा प्रतिभागियों को उभरते अवसरों का सक्रिय रूप से लाभ उठाने और भारत की विकास यात्रा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य पर बल देते हुए मंत्री ने कहा कि बदलती दुनिया अनेक अवसर प्रदान कर रही है। भारत की स्टार्टअप सफलता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि आज देश में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप और 140 से अधिक यूनिकॉर्न हैं। उन्होंने इस उल्लेखनीय उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री द्वारा युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को प्रभावी रूप से दिशा देने हेतु प्रदान की गई स्पष्ट दृष्टि और रोडमैप को दिया।
मंत्री ने रेल टेक पोर्टल की भी चर्चा की और बताया कि स्टार्टअप्स किस प्रकार इसका उपयोग कर विकास और सहयोग के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस संवाद के दौरान प्राप्त सुझावों और विचारों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा। उद्यमियों और नवोन्मेषकों को केंद्र सरकार के निरंतर समर्थन का आश्वासन देते हुए उन्होंने बिहार के युवाओं और उद्यमियों से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सेमीकंडक्टर जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने राज्य से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए बिहार को प्रौद्योगिकी और नवाचार के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में STPI के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार, बिहार सरकार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत (IAS), STPI पटना के निदेशक श्री संजय कुमार, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के नेता, स्टार्टअप संस्थापक तथा राज्य के बढ़ते नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
नवाचार और रोजगार सृजन पर जोर
सभा को संबोधित करते हुए गणमान्य व्यक्तियों ने रोजगार के अवसर सृजित करने और बिहार को IT एवं IT-सक्षम सेवाओं के क्षेत्र में निवेश के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित नवाचार, उद्यमिता और डिजिटल अवसंरचना के महत्व पर प्रकाश डाला।
पाटलिपुत्र परिसर में स्टार्टअप नवाचार प्रदर्शनी
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण STPI पटना के पाटलिपुत्र परिसर में इनक्यूबेट किए गए स्टार्टअप्स द्वारा विकसित नवाचारी समाधानों का प्रदर्शन था। समर्पित उत्पाद कियोस्क के माध्यम से स्टार्टअप्स ने यह प्रदर्शित किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, फिनटेक और एंटरप्राइज डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे उभरते क्षेत्रों में बिहार से राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों के लिए समाधान विकसित किए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने संस्थापकों से बातचीत की तथा उनके उत्पादों, व्यावसायिक मॉडलों और विकास यात्राओं की समीक्षा की।
अपने नवाचारों का प्रदर्शन करने वाले स्टार्टअप्स में शामिल थे:
* फ्लक्सकैप सॉफ्टवेयर, जिसकी स्थापना श्री सिद्धार्थ चंद्र ने की है। यह अपनी ASTROCRED प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से डिजिटल निवेश, बुद्धिमान ऋण सेवाओं और क्रेडिट स्कोर विश्लेषण पर केंद्रित AI-संचालित वित्तीय प्रौद्योगिकी समाधान विकसित कर रहा है।
* क्रिम SSI लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, जिसकी स्थापना श्री विश्वनाथ झा ने की है। यह अत्यधिक विनियमित उद्योगों के लिए AI प्रणालियाँ विकसित करने वाली एक संप्रभु-सुरक्षित सुपर इंटेलिजेंस प्रयोगशाला है। कंपनी मिथिला में उत्पन्न नव्य-न्याय तर्कशास्त्र परंपरा से प्रेरणा लेती है और बिहार, बेंगलुरु तथा न्यूयॉर्क में संचालन के साथ AI सुरक्षा ढाँचे विकसित कर रही है।
* KIBA लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, जिसकी स्थापना श्री नीरज कुमार ने की है। यह व्यवसायों को एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी परामर्श, SAP समाधान, स्टाफ ऑगमेंटेशन सेवाएँ और AI-संचालित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सहायता प्रदान करती है।
इस संवाद सत्र में विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्टार्टअप्स, प्रौद्योगिकी कंपनियों, नवोन्मेषकों और MSMEs ने सक्रिय भागीदारी की। प्रतिभागियों ने बिहार के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और राज्य में अधिक प्रौद्योगिकी निवेश आकर्षित करने के लिए अपने अनुभव, विकास संबंधी आकांक्षाएँ और सुझाव साझा किए। संवाद के दौरान प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों में Hiprotech India Technology Pvt. Ltd., Kamaladitya Global Pvt. Ltd., Floww API Pvt. Ltd., SarvaSuvidhaen Pvt. Ltd., NS Apps Innovations LLP, Flexi Smartcare Pvt. Ltd., Jilo Health Pvt. Ltd., Creditbucket Technologies Pvt. Ltd., Arunoday Optimized Nexus for Innovative Exploration Pvt. Ltd., Qtrino Labs Pvt. Ltd., KensuKyora Dynamics Pvt. Ltd. (Bharat AI), तथा DPS की छात्र-नेतृत्व वाली नवाचार पहल NirogyFy शामिल थीं।
प्रतिभाग लेने वाले कई स्टार्टअप्स बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और उद्योग विभाग द्वारा समर्थित उद्यमिता एवं इनक्यूबेशन कार्यक्रमों के लाभार्थी हैं, जो उभरते उद्यमों को मार्गदर्शन, अवसंरचना और पारिस्थितिकी तंत्र समर्थन प्रदान करते हैं। इस अवसर पर STPI अधिकारियों ने नवाचार को बढ़ावा देने और इनक्यूबेशन सहायता, विश्वस्तरीय अवसंरचना, स्टार्टअप मार्गदर्शन तथा उद्योग सुविधा सेवाओं के माध्यम से भारत के प्रौद्योगिकी मानचित्र पर बिहार की स्थिति को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
बिहार में STPI अवसंरचना
STPI वर्तमान में पटना, दरभंगा और भागलपुर में केंद्र संचालित कर रहा है, जहाँ इनक्यूबेशन सुविधाएँ, प्लग-एंड-प्ले कार्यस्थल, STP और EHTP योजनाओं के अंतर्गत वैधानिक सेवाएँ, उच्च गति डेटा संचार अवसंरचना तथा स्टार्टअप्स और प्रौद्योगिकी उद्यमों के लिए सहायक पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध कराया जाता है। 2008 में STPI पटना की स्थापना के बाद से संगठन ने बिहार में सॉफ्टवेयर निर्यात और प्रौद्योगिकी उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य का सॉफ्टवेयर निर्यात वर्षों से निरंतर बढ़ा है, जिससे भारत की विस्तारित डिजिटल अर्थव्यवस्था में बिहार की उपस्थिति मजबूत हुई है।
IT निर्यात में STPI का प्रभाव
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत एक स्वायत्त संगठन STPI ने भारत के IT/ITeS और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 1992–93 में ₹52 करोड़ के सॉफ्टवेयर निर्यात से बढ़कर 2025–26 में STP इकाइयों का निर्यात ₹12 लाख करोड़ से अधिक हो गया है, जो भारत के प्रौद्योगिकी क्षेत्र के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाता है। देशभर में 73 केंद्रों—जिनमें से 64 टियर-II और टियर-III शहरों में स्थित हैं—के साथ STPI क्षेत्रीय नवाचार को बढ़ावा देने, स्टार्टअप्स का समर्थन करने, रोजगार के अवसर सृजित करने और महानगरों से बाहर प्रौद्योगिकी-आधारित आर्थिक विकास को सक्षम बनाने का कार्य निरंतर कर रहा है।
कार्यक्रम का समापन सरकार, उद्योग और स्टार्टअप हितधारकों की इस साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ कि वे मिलकर बिहार के लिए एक अधिक मजबूत, नवाचार-संचालित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेंगे।