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“क्या बंगाल में सिर्फ बुलडोजर चलाना और बवाल करना ही उद्देश्य है?” — भाजपा पर बरसे आप सांसद संजय सिंह

मुख्य बिंदु

  • संजय सिंह का तीखा हमला: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि आखिर पश्चिम बंगाल में पार्टी का असल एजेंडा और विज़न क्या है?

  • बुलडोजर और हिंसा की राजनीति का आरोप: आप सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा का मुख्य मकसद केवल विपक्षी राज्यों में बुलडोजर चलाना, लाठियां और गोलियां चलवाना, और राजनीतिक बवाल खड़ा करना रह गया है।

  • टीएमसी और शिवसेना में टूट पर नाराज़गी: संजय सिंह ने हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अन्य क्षेत्रीय दलों में हुई राजनीतिक तोड़-फोड़ और दलबदल के लिए केंद्र की सत्ताधारी पार्टी की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।

“बुलडोजर चलाना और मारपीट करना… क्या यही आपका उद्देश्य है?”

 

पश्चिम बंगाल और देश के अन्य हिस्सों में चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह का एक बड़ा बयान मीडिया की सुर्खियों में है। भाजपा शासित राज्यों में प्रशासनिक तौर-तरीकों और बुलडोजर की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा, “मेरा असल सवाल यह है कि बंगाल में क्या करने के लिए आप आए हो? बुलडोजर चलाने, गोली चलाने, मारपीट करने, लड़ाई-झगड़ा करने, बवाल करने… क्या उद्देश्य क्या है आपका?”

संजय सिंह ने कहा कि एक लोकतांत्रिक सरकार का नजरिया हमेशा धर्मनिरपेक्ष (Secular) और विकासोन्मुखी होना चाहिए, जहाँ सभी धर्मों और वर्गों के साथ न्याय हो। लेकिन इसके विपरीत, विपक्षी राज्यों में केवल राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

दलबदल और क्षेत्रीय दलों को तोड़ने की राजनीति पर उठाए सवाल

अखबारों की रिपोर्टों के मुताबिक, संजय सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी (TMC) में मची अंदरूनी खींचतान और कुछ सांसदों व नेताओं के पाला बदलने को लेकर भी भाजपा को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए जांच एजेंसियों, मुकदमों और लाठियों का सहारा लिया जा रहा है।

संजय सिंह ने पाला बदलने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस नेता और चुनाव चिह्न के दम पर लोग चुनाव जीतते हैं, मुश्किल वक्त में उन्हें धोखा देना बहादुरी नहीं बल्कि कायरता है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि ऐसे दलबदलुओं की संसद और विधानसभा सदस्यता तुरंत रद्द की जानी चाहिए।

‘बुलडोजर राजनीति’ के आंकड़ों पर नया दावा

हाल ही में दिए अपने बयानों में संजय सिंह ने भाजपा की ‘बुलडोजर संस्कृति’ को एक नया मोड़ देते हुए कहा कि जो लोग किसी अन्य कौम या समुदाय के घर टूटने पर लड्डू बांटते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि इस कार्रवाई की ज़द में सबसे ज़्यादा आम बहुसंख्यक (हिंदू) परिवार ही आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश (अयोध्या, काशी) और दिल्ली के विभिन्न इलाकों का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि देश भर में बुलडोजर की कार्रवाई से प्रभावित होने वाले लोगों में 90 फीसदी से अधिक हिंदू और मात्र 10 फीसदी अन्य लोग शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा तुष्टिकरण और ध्रुवीकरण के नाम पर केवल नफरत फैलाने का काम करती है।

संजय सिंह का यह बयान देश की राजनीति में बढ़ते टकराव और ‘बुलडोजर’ को न्याय के विकल्प के रूप में पेश करने की प्रशासनिक प्रवृत्ति पर एक गंभीर कटाक्ष है। पश्चिम बंगाल जैसे संवेदनशील राज्य में जहाँ राजनीतिक हिंसा और दलबदल का इतिहास पुराना रहा है, वहाँ इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप आगामी चुनावों और संसद के सत्रों में टकराव को और तेज़ करेंगे। ‘लोकनीति’ का मानना है कि किसी भी राज्य में राजनीति का मुख्य केंद्रबिंदु स्कूल, अस्पताल, रोजगार और बुनियादी विकास होना चाहिए, न कि हिंसा, तोड़-फोड़ या व्यक्तिगत बदले की भावना।

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